भगत सिहँ

देश की इज्जत बचाने के लिए

चला भगत सिहँ बन मतवाला

देख सजी हुई अपनी मौत को

बन शेर का बच्चा चढा फाँसी

वह होकर मजबूत

मत ना कर दया जल्लाद

खिच तख्ता फाँसी का

चूम कर रस्सा फाँसी वाला

झूम उठा रोम रोम उसका

लिया बदली एक एक लाठी का

किया तिलक भगत ने माटी का

दिया चढा शीश अपना

भारत माता के चरणो मे

त्याग दिये रिश्ते नाते

त्यागे माँ बाप देश के लिए

करा कतरा करता खुन

भारत माता के नाम

अमन क्या जाने देश प्रेम

जो बसा भगत सिँह की रग रग मे

16 Comments

  1. Bindeshwar prasad sharma bindeshwar prasad sharma 30/04/2017
    • Aman Nain Aman Nain 02/05/2017
  2. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 30/04/2017
    • Aman Nain Aman Nain 02/05/2017
  3. mani mani 30/04/2017
    • Aman Nain Aman Nain 02/05/2017
  4. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 30/04/2017
    • Aman Nain Aman Nain 02/05/2017
  5. babucm babucm 30/04/2017
    • Aman Nain Aman Nain 02/05/2017
  6. Madhu tiwari Madhu tiwari 01/05/2017
    • Aman Nain Aman Nain 02/05/2017
    • Aman Nain Aman Nain 02/05/2017
  7. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 01/05/2017
    • Aman Nain Aman Nain 02/05/2017

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