कोई नाराज नहीं चाहिये — डी के निवातिया

कोई नाराज नहीं चाहिये

 

कितने अमन पसंद लोग है यहाँ किसी को कोई आवाज नही चाहिये।
रसूख तो खुदा के फरिश्ते जैसा हो पर रोजा -ऐ- नमाज नही चाहिये।
कहिं साख कम न हो जाये बिरादरी में हुजुर -ऐ -आला की इसलिए ।
हकीकत से वाकिफ़ होकर भी चुप है क्योकि कोई नाराज नहीं चाहिये।।



।।  डी के निवातिया  ।।

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22 Comments

    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 01/05/2017
  1. Bindeshwar prasad sharma bindeshwar prasad sharma 28/04/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 01/05/2017
  2. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 28/04/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 01/05/2017
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 28/04/2017
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  4. Kajalsoni 28/04/2017
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  5. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 28/04/2017
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      • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 01/05/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 01/05/2017
  6. kiran kapur gulati kiran kapur gulati 29/04/2017
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  7. C.M. Sharma babucm 29/04/2017
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  8. Rajeev Gupta Rajeev Gupta 29/04/2017
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  9. Madhu tiwari Madhu tiwari 29/04/2017
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