शिकायतें और बस शिकायतें – अनु महेश्वरी

रोज रोज केवल शिकायतें,
अब अच्छी नहीं लगती है|
आजकल यह भी, मज़बूर करती,
सोचनें को, जिन्होनें सायद कभी,
कुछ किया न हो, या फिर कर न पाए हो,
बस वही तो कहीं,
शिकायतें कर, कुछ न कर पाने की,
अपनी झुंझलाहट को, इस तरह ही,
निकालते रहते हो?
अपनी चिढ़, समाज के प्रति,
सायद ऐसे जाहिर करते हो?
कब तक हम यूँही करते रहेंगे,
शिकायतें और बस शिकायतें?
क्यों नहीं, जो है क़ाबिल,
अब करना छोड़ सवाल,
कुछ कर गुज़रने का, जज़्बा दिखाए,
और अगर है कोई हल, तो वह बताए|
देश तो सभी का है, फिर,
मिल कर भी अगर किसी,
समस्या का हल निकले,
इससे बेहतर और क्या होगा?
आए हम, अब शिकायतें करना छोड़े,
जिससे जो बन पड़े, सब मिल हम करें,
फिर कोई भी समस्या हो, हम सुलझा पाएंगे,
सही मायने में तब, देश में विकाश कर पाएंगे|

 

अनु महेश्वरी
चेन्नई

20 Comments

  1. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 26/04/2017
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 26/04/2017
  3. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 26/04/2017
  4. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 26/04/2017
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  5. Rajeev Gupta Rajeev Gupta 26/04/2017
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  6. Madhu tiwari Madhu tiwari 27/04/2017
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  7. prashant mishra 27/04/2017
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  8. C.M. Sharma babucm 27/04/2017
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  9. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 27/04/2017
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  10. Bindeshwar prasad sharma bindeshwar prasad sharma 27/04/2017
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  11. Kajalsoni 28/04/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 28/04/2017

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