तू कितनी गजाला है – शिशिर मधुकर

तुम्हारे रूप को अल्लाह ने जिस साँचे में ढाला है
मेरी जान जांन लो इसने ही मेरा दम निकाला है

तेरी आँखों को तकता हूँ तो मुझको झील दिखती है
बड़ी मुश्किल से जिसमें तैर कर खुद को सम्भाला है

तेरे रूखसार पे लाली हया की जब भी छाती है
कोई पूछे मेरे दिल से कि तू कितनी गजाला है

तेरे होठों पे मीठे बोल आकर जब भी सजते है
मुझे लगता है मानो पास में कोई शिवाला है

तेरी सांसों की खुशबू तो मुझे मदहोश करती है
तेरे सीने में क्या चंदन की जलती कोई ज्वाला है

शिशिर मधुकर

16 Comments

  1. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 26/04/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 26/04/2017
  2. Bindeshwar prasad sharma bindeshwar prasad sharma 26/04/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 26/04/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 26/04/2017
  3. Rajeev Gupta Rajeev Gupta 26/04/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 26/04/2017
  4. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 26/04/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 26/04/2017
  5. C.M. Sharma babucm 26/04/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 26/04/2017
  6. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 26/04/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 26/04/2017
  7. Kajalsoni 28/04/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 29/04/2017

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