“परवाह”

तुम्हारी छोटी-छोटी बातें
मुझे अहसास करा देती हैं
कि तुम्हें मेरी परवाह है

मेरी बातों की शुरुआत से पहले
‘एक बात कहूँ’ की मेरी आदत
स्मित सी मुस्कान तुम्हारे
होठों पर भर देती है

मेरे बीमार‎ हो जाने पर
प्यार से तुम्हारे हाथ से बनी
एक चाय की प्याली
मेरे मन में‎ पुलकन भर देती है

किसी बहस के दरमियान
चीन की दीवार बनकर
अहं का द्वन्द कभी-कभी
मेरे-तुम्हारे बीच आ जाता है

मेरे कान पकड़ कर
तुम्हारा ‘सॉरी ‘ बोलना
मेरे मन की बर्फ को
पानी सा पिघला जाता है

तुम्हारी यही छोटी-छोटी बातें
मुझे अहसास कराती इस बात का
कि तुम्हें‎ मेरी परवाह है

××××××

“मीना भारद्वाज”

18 Comments

    • Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 26/04/2017
  1. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 25/04/2017
    • Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 26/04/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 25/04/2017
    • Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 26/04/2017
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 25/04/2017
    • Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 26/04/2017
  4. Madhu tiwari Madhu tiwari 25/04/2017
    • Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 26/04/2017
  5. C.M. Sharma babucm 26/04/2017
    • Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 26/04/2017
  6. Bindeshwar prasad sharma bindeshwar prasad sharma 26/04/2017
    • Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 05/05/2017
  7. Rajeev Gupta Rajeev Gupta 26/04/2017
  8. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 26/04/2017
  9. Kajalsoni 27/04/2017
    • Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 27/04/2017

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