“हुस्न-ए-बाजार में” सत्यम श्रीवास्तव

हुस्न-ए-बाजार में लोग घायल हो जातें हैं,

करके तो देखों महँगे पायल हो जातें हैं।

युवा कवि “सत्यम श्रीवास्तव”

नैनी, इलाहाबाद।

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  1. Ritesh Sahu 18/08/2017

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