इजाजत

मंजिल दूर है तो क्या हुआ ,
रास्ता तय कर सकू ,
वो इजाजत मिल जाये .

मेरे पीछे क्या हो रहा ,
ये जरूरी नहीं ,
आगे कुछ करना है ,
ये इजाजत मिल जाये .

बदनाम कर लेना ये ,
जमाना मुझे ,
बस पहले एक बार नाम कमाने की
इजाजत मिल जाये .

जहां को मतलब है ,
किसी के सोने ,और जागने से ,
बस इन आँखों को ,
सपने देखने की इजाजत मिल जाये ..

जिंदगी ये उलझनों की पहेली है ,
बस इस पहेली को .
सवारने की इजाजत मिल जाये.

मंजिल नहीं भी है मेरे लायक ,
तो क्या हुआ ,
बस एक बार मुसाफिर बनने की,
इजाजत मिल जाये ….
             बस एक बार ……                                 

                                                            Anjali yadav 

6 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 24/04/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 24/04/2017
  3. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 24/04/2017
  4. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 24/04/2017
  5. Madhu tiwari Madhu tiwari 25/04/2017

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