छोड़ दी है………….तेरे ही लिये |गीत| “मनोज कुमार”

छोड़ दी है नौकरी भी तेरे ही लिये
लगने लगे चक्कर गली तेरे ही लिये

देखा तुझे गाने लगा गीत भी दिल
तेरे इस मुखड़े पे ये मरने लगा दिल
सौ – सौ बार सवारूँ जुल्फें तेरे ही लिये
जब दिख जाती बढ़ती धड़कन तेरे ही लिये

छोड़ दी है………………………………. तेरे ही लिये

नायिका है मेरी तू जूलियट से कम नही
मन की है मिठास तू जो होती कम नही
कब से बाहें हम फैलाये खड़े तेरे ही लिये
कर दो तुम उजियारा मन में मेरे ही लिये

छोड़ दी है………………………………. तेरे ही लिये

हँसती रो हँसाती रहो गुस्सा ना करो
हाठ भी छोड़ो मान जाओ मुँह ना मोड़ो
आँखें ना चुराओ मैं हूँ तेरे ही लिये
कर दूँ मैं न्यौछावर जीवन तेरे ही लिये

छोड़ दी है………………………………. तेरे ही लिये

“मनोज कुमार”

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