६३. तेरे चेहरे पे तो…….. तोड़ लायेंगे |गीत| “मनोज कुमार”

तेरे चेहरे पे तो हम मर मिट जायेंगे
तेरे लिये हम चाँद तारे तोड़ लायेंगे

तेरे चेहरे पे तो………………………….. तोड़ लायेंगे

किस दुनिया से लायी हो रूप रानी
प्यार से भी प्यारा है सिंगार रानी
सीने से जब जब आचल सरक जाये
बैचेन इस दिल को ओर चैन आये

तेरे चेहरे पे तो………………………….. तोड़ लायेंगे

अधरों पे पानी की बूदें खूब सजती
शोला बन जाती कभी बिजली गिरती
लाखों दिल जलाती चले हिरनी जैसी
जब लेती अगड़ाई और उमंग भरती

तेरे चेहरे पे तो………………………….. तोड़ लायेंगे

गोरी तेरा हँसना भी कमाल कर गया
हूँ दीवाना इसका दिल पागल कर गया
जिस दिन ना दिखे मुझको ना नींद आती
बदलूँ करवट इधर उधर तड़प और बढ़ती

तेरे चेहरे पे तो………………………….. तोड़ लायेंगे

मैं बना लूँ तकिया तेरी बाँहों का हमदम
साँसों की गर्मी से सर्दी होती दूर हमदम
सब गुलशन के फूलों को क़दमों में बिछा देंगे
काली घटा भी हम तेरी जुल्फों से बना देंगे

तेरे चेहरे पे तो………………………….. तोड़ लायेंगे

“मनोज कुमार”

2 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 21/04/2017
  2. Kajalsoni 22/04/2017

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