समाज का आईना — डी के निवातिया

समाज का आईना

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आज अचानक वर्षो के  बाद  विद्यार्थी जीवन में पढ़ी तुलसी जी की वो पंक्तिया एक बच्चे ने उस समय  फिर याद करा दिया, जब वह उसका अर्थ जानने के मर्म से मेरे पास आया!  हालांकि अपने अल्प ज्ञान और तुच्छ समझ के अनुरूप मैंने  सकारत्मक उत्तर से तो संतुष्ट कर दिया मगर खुद आज तक मेरी तरह अनेको लोग शंशय में है की आखिर महाकवि तुलसीदास जी ने रामचरित मानस के सुन्दरकांड में उल्लिखित किन भावो के अनुरूप इन शब्दों का चयन कर इन पंक्तियों की रचना की होगी !

ढोल, गंवार, शुद्र, पशु नारी,
सकल ताड़ना के अधिकारी !!

यह तथ्य विचारणीय है की क्या रामचरित मानस के रूप में समाज को आईना दिखाने वाले महान व्यक्तित्व की विचार धारा उस स्तर की हो सकती जिस पैमाने पर अनभिज्ञ समाज ने अमल में लाने की कोशिश की है आज तक कुछ वर्ग उसी कुटिल मानसिकता का शिकार बनकर समाज के हाशिये पर है !

हालांकि इस बारे में मैंने चेष्टा वश बहुत ज्ञान प्राप्त करने की कोशिश की जिसका मिलाजुला असर समाज में देखने की मिला , कुछ ने इसे मनोविनोद की तरह लिया , कुछ ने नकारात्मक तो कुछ महान विद्वानों ने सकारात्मक रूप में प्रस्तुत किया है ! जैसा की हमे लेना, सोचना और समझना भी चाहिये, क्योकि इसी में हम सब की और समाज की भलाई है !

यंहा मेरा मकसद महाकवि जी की सोच या उनके विचारो का विरोध करना नहीं अपितु समाज में चली आ रही मनघढ़ंत बातो और उन का मानव जीवन पर होते असर से है , क्या हम आज की पीढ़ी के समझ इसकी सही व्यख्या करने में समर्थ है, या समाज में चली आ रही परम्परागत विषंगतियो को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है ! इस और हम कितने जागरूक और कितने सक्षम है की समाज में फैली विकृतियों में मूलभूत परिवर्तन कर आने वाले पीढ़ी का उचित मार्गदर्शन कर सके !

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डी के निवातिया
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40 Comments

    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 25/04/2017
  1. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 21/04/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 25/04/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 22/04/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 25/04/2017
  3. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 22/04/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 25/04/2017
  4. babucm babucm 22/04/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 25/04/2017
      • babucm babucm 25/04/2017
        • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 25/04/2017
  5. Rajeev Gupta Rajeev Gupta 22/04/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 25/04/2017
  6. bhupendradave 22/04/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 25/04/2017
  7. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 23/04/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 25/04/2017
  8. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 23/04/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 25/04/2017
  9. Dushyant patel 23/04/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 25/04/2017
  10. Dushyant patel 23/04/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 25/04/2017
  11. सुशील मिश्र 24/04/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 25/04/2017
  12. Er. Anuj Tiwari"Indwar" Er. Anuj Tiwari"Indwar" 24/04/2017
    • नरेन्द्र कुमार नरेन्द्र कुमार 24/04/2017
      • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 25/04/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 25/04/2017
  13. नरेन्द्र कुमार नरेन्द्र कुमार 25/04/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 25/04/2017
  14. Bindeshwar prasad sharma bindeshwar prasad sharma 26/04/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 26/04/2017
  15. Saviakna 29/04/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 29/04/2017
  16. mani mani 30/04/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 01/05/2017
  17. Kranti 04/05/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 05/05/2017

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