गद्दारों की हामी न भरें…सी. एम्. शर्मा (बब्बू)…

नेता एक हवा में उड़ता….
जूते चप्पल लहराता…
हवा में उड़ने से जब महरूम हो गया…
संसद भी उसके साथ खड़ा हो गया…

बेशर्मी की हद्द हो गयी…
सारी दुनिया स्तब्ध रह गयी…
सीमा के प्रहरी को थप्पड़ मारे एक गद्दार…
चौड़े सीने लीये घूमते एक भी हुआ नहीं शर्मसार…
एक जुबां भी खुली नहीं….
जवान की इज्जत कुछ नहीं…

क्यूँ हम सीना चौड़ा कर हुंकार हैं भरते….
आये कोई भी हम भिड़ने का मादा रखते….
भूल जाते तब हम ये सब….
होते न जवान अगर तो…
कैसे हम ये हुंकार फिर भरते….
कैसे हम सीना चौड़ा कर चलते….

मत रोको जवानों को…
जवाब वो देंगे खुद फिर शैतानों को…
नहीं कुछ कर सकते तो इतना करें…
नेता सब चुप्प और दुबके रहे….
अपनी कुर्सी की खातिर….
गद्दारों की हामी न भरें….
\
/सी. एम्. शर्मा (बब्बू)….

16 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 18/04/2017
    • C.M. Sharma babucm 22/04/2017
  2. mani mani 18/04/2017
    • C.M. Sharma babucm 22/04/2017
  3. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 18/04/2017
    • C.M. Sharma babucm 22/04/2017
    • C.M. Sharma babucm 22/04/2017
  4. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 18/04/2017
    • C.M. Sharma babucm 22/04/2017
  5. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 18/04/2017
    • C.M. Sharma babucm 22/04/2017
  6. ALKA ALKA 19/04/2017
    • C.M. Sharma babucm 22/04/2017
  7. Kajalsoni 21/04/2017
    • C.M. Sharma babucm 22/04/2017

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