आशिक आवारा……. काजल सोनी

मैं वो आशिक आवारा हूँ ,
जो गली गली में फिरता हूँ ।

लोग सुनाते हैं ताने मुझको,
सबकी ठोकरों से गिरता हूँ ।

कहते हैं सब पागल मुझको ,
पर किसी की न मै सुनता हूँ ।

खुशी मिले जो रो पड़ता हूँ ,
गम में भी मुस्कुराता रहता हूँ ।

मै लिखता हूँ कुछ अपनी कलम से,
कुछ जुबां से बड़बड़ाता रहता हूँ ।

करके मुहब्बत ठुकराया जिसने,
मै उसे दिल में बसा कर रखता हूँ ।

वो रहतीं हैं मेरी बाहों में ,
हर लम्हा उस पल को जीता रहता हूँ ।

मै वाकिफ नहीं खुद अपने जख्मों से,
वो हंसे तो मै हंसु उसके रोने से रोता हूँ ।

खफा नहीं मैं अपनी जिंदगी से ,
खो कर सब लगे कि पाता रहता हूँ ।

कोई क्या जाने मेरे दिल की फितरत,
सब कहते, मैं बन आशिक आवारा फिरता हूँ ।।

18 Comments

  1. Kajalsoni 17/04/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 17/04/2017
    • Kajalsoni 17/04/2017
  3. Krishna Chaturvedi 17/04/2017
    • Kajalsoni 17/04/2017
  4. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 17/04/2017
    • Kajalsoni 17/04/2017
  5. mani mani 17/04/2017
    • Kajalsoni 17/04/2017
  6. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 17/04/2017
    • Kajalsoni 17/04/2017
    • Kajalsoni 17/04/2017
  7. C.M. Sharma babucm 17/04/2017
    • Kajalsoni 17/04/2017
  8. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 17/04/2017
    • Kajalsoni 17/04/2017
  9. ALKA ALKA 19/04/2017

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