साँसें

साँसें

कहाँ माँगें, कौन उधारी देता है साँसें

कातिल आता है पर लूटा करता है साँसें

साँसों की गिनती भी करते नहीं बनती है

कर्महीन भी तो कुछ ही गिन पाता है साँसें।

 

…  भूपेन्द्र कुमार दवे

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5 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 16/04/2017
  2. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 16/04/2017
  3. C.M. Sharma babucm 17/04/2017
  4. Kajalsoni 17/04/2017

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