खुश्बू

खुश्बू

कलियों को कुछ और सँवर जाने दो

फूलों को कुछ और निखर जाने दो।

अभी कुछ चाह बाकी है जीने की

खुश्बू को कुछ और बिखर जाने दो।

——  भूपेन्द्र कुमार दवे

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5 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 16/04/2017
  2. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 16/04/2017
  3. babucm babucm 17/04/2017
  4. Kajalsoni 17/04/2017

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