तुम मिलो न मिलो…… काजल सोनी

तुम मिलो न मिलो…….
मुझे किसी राह पर……
सफर है मेरी जिंदगी का……
मुझे तो चलना पड़ेगा…….

भले धुप हो मेरे जिस्म पर…….
आग हो मेरे कदमों तले…….
राह हैं चुना मैंने इसे…….
मुझे तो अंगारों पर भी जलना पड़ेगा…….

साथ मांगा तेरा तो तन्हा हुआ…..
इस गली से उस गली मैं भटकता रहा…..
वक्त ऐसा हुआ…….
साथ तेरा छोड़ कर……
आँसुओं के संग मुझे मचलना पडे़गा…….

मैं गिरता रहा…..
लोग हंसते रहे…….
पर मैंने परवाह न कि…..
जान गया मैं ये शायद….
अब गिर गिर कर….
खुद ही मुझे सम्हलना पडे़गा……

तुम मिलो न मिलो…….
मुझे किसी राह पर…….
सफर है मेरी जिंदगी का….
मुझे तो चलना पड़ेगा…….. ।।

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” काजल सोनी”

14 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 16/04/2017
    • Kajalsoni 17/04/2017
  2. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 16/04/2017
    • Kajalsoni 17/04/2017
  3. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 16/04/2017
    • Kajalsoni 17/04/2017
  4. C.M. Sharma babucm 17/04/2017
    • Kajalsoni 17/04/2017
    • Kajalsoni 17/04/2017
  5. mani mani 17/04/2017
    • Kajalsoni 17/04/2017
  6. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 17/04/2017
    • Kajalsoni 17/04/2017

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