gazal-दर्द छिपा कर हँसता हूँ मैं—मनिंदर सिंह “मनी”

दर्द छिपा कर हसता हूँ मैं |
मन मौजी सा लगता हूँ मैं ||

कोई क्या जाने मेरे दिल |
हर पग पर ही जलता हूँ मैं ||

कहने की चाहत है मुझ को |
लब सी कर चुप रहता हूँ मैं ||

मेले में अपनों के यारो |
तन्हा हो कर चलता हूँ मैं ||

है हर हाथ “मनी” खंजर सा |
पर साथ कलम रखता हूँ मैं ||

मनिंदर सिंह “मनी”

14 Comments

  1. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 16/04/2017
    • mani mani 17/04/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 16/04/2017
    • mani mani 17/04/2017
    • mani mani 17/04/2017
  3. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 16/04/2017
    • mani mani 17/04/2017
  4. Kajalsoni 16/04/2017
    • mani mani 17/04/2017
  5. C.M. Sharma babucm 17/04/2017
    • mani mani 17/04/2017
    • mani mani 17/04/2017

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