कितने परिंदे है …

कितने परिंदे है,
जो साथ साथ चलते है,
कुछ दूर चलते है,
कुछ देर चलते है ।

कितने परिंदे है,
जो साथ साथ उड़ते है,
कुछ दूर उड़ते है,
कुछ देर उड़ते है ।

नाम सबके अलग है,
शक्लें भी कहाँ मिलती है,
पर सब एक जैसे ही,
क्यों भला होते है ।

उड़ते है आसमाँ में जब,
फिर कहाँ मिलते है,
एक पल की उड़ान देके,
फड़फड़ाते छोड़ जाते है ।

एक पल आते है,
एक पल जाते है ।
देखते हुए वो ना जाने,
कहाँ खो जाते है,
एक दूसरे को यूँहि,
छोड़ जाते है ।

कितने परिंदे है,
जो साथ साथ चलते है,
कुछ दूर चलते है,
कुछ देर चलते है ।

कितने परिंदे है,
जो साथ साथ उड़ते है,
कुछ दूर उड़ते है,
कुछ देर उड़ते है ।

#ashwin1827

2 Comments

  1. Kajalsoni 16/04/2017
  2. mani mani 16/04/2017

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