जिन्दगी तेरे नशे के सिवा …

जिन्दगी तेरे नशे के सिवा,
किसी और नशे से
अब चढ़ती नहीं ।

कितने ही मैकदे,
कितने ही दम,
हम पीये बैठे है,
लेकिन अब भी तेरी रोशनी,
मेरे दिल के चिरागो से बूझती नहीं ।

जिन्दगी तेरे नशे के सिवा,
किसी और नशे से
अब चढ़ती नहीं ।

मिटा डाला है खुद को,
तेरी जिन्दगी से तुझी के लिए,
लेकिन अब भी हसरत ये रखते है,
की तुझे ही पाने की कोशिश करते है ।

जिन्दगी तेरे नशे के सिवा,
किसी और नशे से
अब चढ़ती नहीं ।

जिन्दगी मेरी ये जुड़ जाए,
उनकी जिन्दगी से,
इसके सिवा और कोई दूआ,
अब हमे मंजूर नही ।

जिन्दगी तेरे नशे के सिवा,
किसी और नशे से
अब चढ़ती नहीं ।

#ashwin1827

4 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 15/04/2017
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 15/04/2017
  3. Kajalsoni 15/04/2017

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