जय हनुमान – मधु तिवारी

जय महावीर जय हनुमान
कर न सके तेरा गुणगान

पवन पुत्र हे केशरी नंदन
अंजना पुत्र सदा दुख भंजन
करो प्रभु जग का कल्याण
कर न सके तेरा गुणगान

सूरज निगला बालापन मे
शौर्य प्रसिद्ध हुआ जनमन मे
पाया जग मे सदा ही मान
कर न सके तेरा गुणगान

सबसे बड़ा हुआ रामभक्त है
तुझ संग राम भी हुआ सशक्त है
हिरदय चीर दिखाया सीयराम
कर न सके तेरा गुणगान

सीय को खोजा लंका जलाया
धर्म युद्ध प्रभु साथ निभाया
राम विजय मे अद्भुत शान
कर न सके तेरा गुणगान

जो भी आया शरण तिहारे
तुरत ही उसका कष्ट निवारे
मधु को भी कर शरण प्रदान
कर न सके तेरा गुणगान
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आप सभी कवि मित् मेरी ओर से हनुमान जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं ।

मधु तिवारी

17 Comments

  1. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 11/04/2017
    • Madhu tiwari Madhu tiwari 11/04/2017
  2. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 11/04/2017
  3. C.M. Sharma babucm 11/04/2017
  4. sarvajit singh sarvajit singh 11/04/2017
  5. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 12/04/2017
  6. Madhu tiwari Madhu tiwari 12/04/2017
  7. डॉ. विवेक डॉ. विवेक 12/04/2017
  8. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 12/04/2017
  9. Kajalsoni 12/04/2017
    • Madhu tiwari Madhu tiwari 12/04/2017

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