इंसान बने हम – अनु महेश्वरी

क्यों किसी पे हाथ उठाए,
क्यों किसी को सज़ा सुनाए,
क्या सही है, क्या है गलत,
इसका फैसला करने वाले,
हम होते कौन है?

कुछ गलत हो रहा है कही,
तो उसे कानून के हवाले करे,
खुद ही अदालत न बन जाए,
एक गलती को रोकने के लिए,
और एक गलती न करे|

ऐसी घटनाओं से देश की,
छवि तो ख़राब होती ही है,
ग़लत सन्देश भी जाता है,
अगर देश को सवार न सके,
इसे बदनाम भी न करे|

बरसो की मेहनत लगती है,
कुछ अच्छा बनाने के लिए,
उसमे सबका साथ जरुरी है,
योगदान न भी दे सके तो,
मिटाने का काम न करे|

 
अनु महेश्वरी
चेन्नई

14 Comments

  1. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 11/04/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 12/04/2017
  2. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 11/04/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 12/04/2017
  3. C.M. Sharma babucm 11/04/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 12/04/2017
  4. Madhu tiwari Madhu tiwari 11/04/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 12/04/2017
  5. Kajalsoni 12/04/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 12/04/2017
  6. mani mani 12/04/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 12/04/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 13/04/2017

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