प्यारी सिया

नन्ही सी परी बादलो से निकली
टुकुर टुकुर देखती
चुपके चुपके नीचे आयी
नन्हे हाथो से मुझे बुलाकर
अपनी झलक दिखायी
उसकी मीठी वानी ने
दिल मे उमंग जगाई
कौन थी वो जाने क्यों उसे देखकर
मेरे दिल मे ममता भर आयी
नन्हे नन्हे पैरो से जब
छम छम करती वो हर जगह
मेरा आन्चल पकड़ कर
पीछे पीछे आती
संग मे खेलती जब मे उसके
फूलो की तरह खील जाती
थोड़ी ज़िदी थोड़ी नटखट
जब भी गुस्सा दिलाये
उसकी खीलखिलाती मुस्कान से
मेरे होन्ठो पे हंसी आये
पन्छी बनकर उड़ना चाहे
नीले गगन के मेलो मे
पर पिन्जरे से निकलते ही
ये किसने रोक लगाई
दुनिया की भीड़ से अलग वो
अपना पराया ना जाने
सब को एक साथ रखकर
उसने पूकार लगाई
उसकी प्यारी प्यारी बाते
हैरान कर जाए
कभी हँसाकर कभी रूलाकर
कुछ सीख दे जाए
कुछ फूलो की खूशबू से ही
खीची चली आए
अपने प्यार से उन्हे मेहका कर
सब मे रंग भर जाए
मुझे लगता है मेरी नन्ही परी
एक दिन पिन्जरे से बाहर आयेगी
दूर गगन मे उड़ कर कही
मेरी प्यारी सिया कहलाएगी

Barkha Rani

14 Comments

  1. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 10/04/2017
    • barkhar7 barkhar7 10/04/2017
  2. डॉ. विवेक डॉ. विवेक 10/04/2017
    • barkhar7 barkhar7 10/04/2017
  3. md. juber husain md. juber husain 10/04/2017
    • barkhar7 barkhar7 10/04/2017
  4. Kajalsoni 10/04/2017
  5. Madhu tiwari Madhu tiwari 10/04/2017
    • barkhar7 barkhar7 10/04/2017
  6. shrija kumari shrija kumari 10/04/2017
    • barkhar7 barkhar7 10/04/2017
  7. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 11/04/2017
  8. C.M. Sharma babucm 11/04/2017
  9. mani mani 12/04/2017

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