विचारधारा – अनु महेश्वरी

सब विचारों की ही तो कहानी है,
सोच सकारात्मक हो तो शांति बनी रहती ,
और सुकून रहता है,
नकारात्मक हो तो अशांति फैलती,
और नुकसान होता है|

यह जो “अपना पराया”,
अपने अंदर समा गया,
थोड़ी देर के लिए उस मायाजाल से,
बाहर निकल सके, तो पाएंगे,
न कुछ मेरा है, न ही तेरा है|

जो कुछ मिला हमे, इस धरा पे मिला,
जो रिश्ते नाते बने, सब यही पर बने,
न कोई साथ चला है, न ही चलेगा,
हम आए थे खाली हाथ,
जाएंगे भी खाली हाथ|

सब अगर यही छूट जाएगा,
फिर क्यों तेरा – मेरा करना?
उठे, जागे हम अपनी नींद से,
अब भी देर नहीं हुई है,
जहाँ जागो वही सवेरा है|

अपने सोए ज़मीर को झकझोरे,
अपना पराया करना अब छोड़े,
इस धरती को अपने अहम् में,
और न बांटे, यह हम सबकी है,
यहाँ प्यार मोहब्बत बना रहने देl

 
अनु महेश्वरी
चेन्नई

16 Comments

    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 09/04/2017
  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 09/04/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 09/04/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 09/04/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 09/04/2017
  3. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 09/04/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 09/04/2017
  4. Kajalsoni 09/04/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 09/04/2017
  5. babucm babucm 10/04/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 10/04/2017
  6. mani mani 10/04/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 10/04/2017
  7. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 10/04/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 10/04/2017

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