धडकनें

गिनती की ही मिली हैं  हमें धड़कनें

न इतरा , न इनका तू एतबार कर

कहीं रुक गयीं जो  ,एक बार तो

क्या   रख सकेगा ,कुछ सम्भाल  कर

धडकती हैं जब तक , सीने में ये

इनके धड़कने का तू एहतराम कर

 

हर पल कुछ कुछ बाताती हैं धड़कनें

मीठे गीत भी कभी सुनाती हैं धड़कनें

सौगात में  हमें जैसे मिली हैं धड़कनें

जीवनरस ,जीवन की औक़ात हैं धड़कनें

 

कभी आतुर किसी पद चाप से हो जाती हैं धड़कनें

भय की अकुलाहट  से कभी  थम जाती हैं धड़कनें

बसी हैं जब तक साँस में चलती रहती हैं  धड़कनें

रुक जायें पल भर को तो क़यामत ढाती हैं धड़कनें

 

सौग़ात में  मिली हैं ,हमें ये धड़कनें

हर पल नया राग सुनाती हैं धड़कनें

शुरू से आख़िर तक साथ निभाती हैं धड़कनें

हो सुख यॉ  दुख बस चलती जाती हैं धड़कनें

 

 

 

 

 

 

16 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 09/04/2017
  2. kiran kapur gulati kiran kapur gulati 09/04/2017
  3. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 09/04/2017
  4. kiran kapur gulati kiran kapur gulati 09/04/2017
  5. C.M. Sharma babucm 09/04/2017
  6. kiran kapur gulati kiran kapur gulati 09/04/2017
  7. bhupendradave 09/04/2017
    • kiran kapur gulati kiran kapur gulati 09/04/2017
  8. Madhu tiwari Madhu tiwari 09/04/2017
    • kiran kapur gulati kiran kapur gulati 09/04/2017
  9. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 09/04/2017
    • kiran kapur gulati kiran kapur gulati 11/04/2017
  10. Kajalsoni 09/04/2017
    • kiran kapur gulati kiran kapur gulati 11/04/2017
  11. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 10/04/2017
    • kiran kapur gulati kiran kapur gulati 11/04/2017

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