याद की ओस

उसे मेरे प्यार की छाँव में सुकून मिलता था,
लगता है अब मौसम बदल गया..
उसे बाहर की धुप सुहाने लगी है,
मुझे उसकी याद की ओस भिगाने लगी है..
और जुदाई की लहर दिल का किनारा खाने लगी है..

:- विनोद सिहाग

4 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 07/04/2017
    • vinod sihag vinod sihag 08/04/2017
  2. Kajalsoni 08/04/2017
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 08/04/2017

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