माँ तेरी परछाई ..

तू दर्पण ,तुझपे मै अर्पण
हर साँस में तेरी समायी हु ,
तू ही मेरे जीवन की मालिक ,
माँ मै तेरी परछाई हू….
जब मै मुस्काती तब तू मुस्काती
तेरे मन से मै जुडी हू ,
राहों पर तेरी मै चलना चाहू,
माँ मै तेरी परछाई हूँ…
हर दिन ममताई स्पर्श को ,
महसूस मै कर लेती हूँ,
याद है वो गोदी का पालना ,
याद है वो नरम बिछौना ,
अब सभी यादो को समेटती हूँ ,
माँ मै तेरी परछाई हूँ..
मै पंछी तेरे अरमानो की ,
जब तू कहती उड़ जा ,
तब मै उड़ जाती हू ..
पीछे मुड़कर देखा करती हूँ,,,
क्योकि माँ मै तेरी परछाई हूँ ..
मै भी जानू, तू भी जाने,
जान से भी प्यारी हूँ तेरे ,
लेकिन दस्तूरों की दुनिया न माने,,,
तो लेने को तैयार बिदाई हूँ ,
हँस कर दे दो या दे दो रोकर ,
क्योकि ….माँ मै तेरी परछाई हूँ …..

ANJALI YADAV

                                                                KGMU LKO

8 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 07/04/2017
    • Anjali yadav 12/04/2017
  2. babucm babucm 07/04/2017
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 07/04/2017
    • Anjali yadav 12/04/2017
  4. vinod sihag vinod sihag 07/04/2017
  5. Madhu tiwari Madhu tiwari 08/04/2017
  6. Kajalsoni 08/04/2017

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