दम अपने अन्दर भर कर

दम अपने अन्दर भर कर,
अब एक नई उड़ान भरो ।

जग में अपनो से बडो का,
हर हाल सम्मान करो ।
छोटो का भी हर पल मान करो ।

दम अपने अन्दर भर कर,
अब एक नई उड़ान भरो ।

विपदा घोर छाए,
मुश्किल चौखट तक आए,
लड़ने का उनसे तुम आवाहन करो ।

दम अपने अन्दर भर कर,
अब एक नई उड़ान भरो ।

सच और झूठ का,
जब हो सामना,
उस लाचार सच की,
तुम तलवार बनो ।

दम अपने अन्दर भर कर,
अब एक नई उड़ान भरो ।

जाति, देश, धर्म के अब लद गए जमाने,
इन्सान हो दूसरो के बारे मे भी सोचो,
अपना ही नहीं ओरो का भी ध्यान करो ।

दम अपने अन्दर भर कर,
अब एक नई उड़ान भरो ।

#ashwin1827

8 Comments

  1. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 07/04/2017
    • ashwin1827 ashwin1827 07/04/2017
  2. Kajalsoni 07/04/2017
    • ashwin1827 ashwin1827 07/04/2017
  3. C.M. Sharma babucm 07/04/2017
    • ashwin1827 ashwin1827 07/04/2017
  4. Madhu tiwari Madhu tiwari 08/04/2017
    • ashwin1827 ashwin1827 10/04/2017

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