जीवन का रहस्य

क्या तेरा है, क्या मेरा है
तुझे दुनिया की माया ने घेरा है
सब कुछ यही भूल जा, बंदे
तेरे साथ कुछ नहीं जाएगा
ये तो सब माया है
सब यही रह जाएगा
क्या करना है, क्या भरना है
यही पर जीना, मरना है
तेरा कर्म ही है प्रधान , बंदे
कर्म ही साथ निभायेगा
तू ना कर चिंता सबकी
सब मिट्टी मे मिल जाएगा
क्या खोना है, क्या पाना है
ये तो सब आना जाना है
तू किस सोच मे पड़ा है, बंदे
कुछ नही बचा पाएगा
जिस को जिस दिन जाना है
उस दिन ही वो जाएगा
क्या दुख है, क्या सुख है
सब यही पर चुप है
क्यो दुख बनाता है, बंदे
सुख भी एक दिन आएगा
जिन्दगी के इन चार पलो को
खुशियो से भर जाएगा
कौन अपना है, कौन पराया है
इसी ने बहुत डराया है
अपना अपना ना कर, बंदे
तेरा अपना ही तुझे छोड़ जाएगा
कोइ पराया ही एक दिन
तेरे साथ खड़ा पाएगा
क्या सच है, क्या सपना है
इनमे से कौन तेरा अपना है
ये सब मिथ्या है एक , बंदे
सपने ना पुरे कर पाएगा
सच मे तू जी कर देख
सपना अपने आप ही पुरा हो जाएगा
क्या स्वर्ग है, क्या नरख है
सबकी यही पर परख है
अपने कर्मो को पहचान, बंदे
अछाई का फ़ल ही पायेगा
इसी जन्म का तुझे
इसी जन्म मे मिल जाएगा
क्या पाप है, क्या पुनय है
इसकी गिनती शुनय है
इतना पाप ना कर, बंदे
तेरा घड़ा भी एक दिन भर जाएगा
तेरा पाप का घड़ा फुटते ही
तू सीधा नरख मे जाएगा

बरखा रानी

5 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 06/04/2017
  2. vinod sihag vinod sihag 06/04/2017
  3. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 07/04/2017
  4. Madhu tiwari Madhu tiwari 07/04/2017
  5. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 07/04/2017

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