दर्द ए दिल

तुझे पाकर क्या पाया हैं
बस अपने दिल को रुलाया हैं
तेरी बेरुखी को अपनाया हैं
उसमे अपना जीवन बिताया हैं
तेरी बेवफ़ाईओ ने दिया
मुझे मेरे प्यार का सिला
तेरी नफ़रतो से मिला
मेरे दिल को हौसला
तुझे अपने पास ना पाया है
बस अकेला ही खुद को पाया है
तुझे पाकर क्या पाया हैं
बस अपने दिल को रुलाया है
तेरी आग मे मै जली
तुझे फरक ना पड़ने दिया
तेरी हर मुसीबत मे खड़े होकर
तुझ पर शिकन ना आने दिया
मैने तेरी खुशियो से ही
अपना घर सजाया है
तुझे पाकर क्या पाया हैं
बस अपने दिल को रुलाया हैं

बरखा रानी

6 Comments

  1. babucm babucm 06/04/2017
  2. vinod sihag vinod sihag 06/04/2017
  3. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 07/04/2017
  4. Madhu tiwari Madhu tiwari 07/04/2017
  5. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 07/04/2017
  6. Kajalsoni 07/04/2017

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