एक अजनबी से इतना प्यार क्यों है..-पियुष राज

  • उस अजनबी से जुदा होने का मुझे मलाल क्यों है
    ना चाह कर भी हर वक़्त दिल में उसका ख्याल क्यों है

    कुछ कसूर तो उसकी अदाओं का भो है मेरी इस हालत का
    वर्ना किसी अनजान के लिए ये दिल इतना बेहाल क्यों है

    नैनो में बसी है ऐसे की सोना चाहूँ तो नींद आती ही नही
    और सुबह दोस्त लोग पूछते यार तेरी आँख लाल क्यों है

    क्या बताऊँ उन दोस्तों को जब खुद की हालत का पता नही
    जो दिल धड़कता था आराम से आज उसकी इतनी तेज़ चाल क्यों है

    लगता है बातों ही बातों में मोहब्बत हो गयी है उस अनजान से
    वर्ना लोग नही पूछते की तुम्हारी शायरी इतनी कमाल क्यों है

    पियुष राज ,दुमका ,झारखण्ड ।
    (PoemNo-54) 22/03/2017hi

4 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 05/04/2017
  2. Kajalsoni 05/04/2017
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 05/04/2017
  4. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 05/04/2017

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