विनम्रता – अनु महेश्वरी

अपनी सफलता पर,
मत करना ग़रूर कभी।
न जाने कितनो के,
त्याग या परिश्रम से,
आज हो जहाँ,
पहुंचे होगे वहाँ।
अब जब कुछ बन गए हो,
चाहे लोगों का हुजूम हो,
चाहे चकाचोंध ज़िन्दगी हो,
पर एक बात याद रखना,
जब तुम कुछ नहीं थे,
तब जो तुम्हारे साथ थे,
उन्हें हमेशा याद रखना।
अब भीड़, है तुम्हारे पास जो,
जरूरी नहीं उनमे कोई खास हो।
यह भीड़, नहीं है तुंम्हारे लिए,
यह तो है, उस कुर्सी के लिए,
जिसपे तुम आज बैठे हो,
कल कोई और था वहाँ,
कल कोई और होगा वहाँ।
इससे भ्रमित मत होना कभी,
अगर अभिमान लगे आने भी,
वही तुम रोक लेना उसे तभी।
इस सफलता को,
विनम्र बन निभाते रहोगे जब तक,
लोगो का विश्वास,
तुम पर भी कायम रहेगा तब तक।

 
अनु महेश्वरी
चेन्नई

20 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 05/04/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 05/04/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 05/04/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 05/04/2017
  3. C.M. Sharma babucm 05/04/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 05/04/2017
  4. डॉ. विवेक डॉ. विवेक 05/04/2017
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  5. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 05/04/2017
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  6. Kajalsoni 05/04/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 05/04/2017
  7. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 05/04/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 05/04/2017
  8. vinod sihag vinod sihag 05/04/2017
  9. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 05/04/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 05/04/2017
  10. sarvajit singh sarvajit singh 05/04/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 06/04/2017

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