गुण्डे चूहे

गुण्डे चूहे

मेरे घर के गुण्डे चूहे,
मस्त-मस्त मुश्टण्डे चूहे,
पाव, रोटी, बिस्कुट खाते,
दाल-भात सब चट कर जाते,
केक-पेस्ट्री सन मौज उड़ाते,
साबुन, टूथपेस्ट को ले जाते हैं,
फिल्मों के खलनायक से ये,
“कुलभूषण-दे-खरबन्दे” चूहे,
मस्त-मस्त मुश्टण्डे चूहे,
मेरे घर के गुण्डे चूहे,
मस्त-मस्त मुश्टण्डे चूहे।

इनके करतब अजब है जानी,
बयाँ करूँ क्या इनकी कहानी,
सरकस के स्टन्ट दिखलाते जब ये,
कर देते हैं पानी-पानी,
डोरी, सुतली, केबल हो
या हो बिजली की तार,
सींके पर रखा खाना भी कर देते ये पार,
पर्वत जैसी दीवारों को ये
मिनटों में फलँगे चूहे,
मस्त-मस्त मुश्टण्डे चूहे,
मेरे घर के गुण्डे चूहे,
मस्त-मस्त मुश्टण्डे चूहे।

इनके डर से भीगी बिल्ली,
थर्र-थर्र काँपे शेख चिल्ली,
घर छोड़ भागे तिरुचिरापल्ली,
धमाचौकड़ी जब करते हैं ये
तो थम जाती है देवघर – दिल्ली,
इन से सीखें कलाबाज़ी के गुर, क्योंकि —
ये हैं “टायक्वॉण्डे” चूहे,
मेरे घर के गुण्डे चूहे,
मस्त-मस्त मुश्टण्डे चूहे,
मस्त-मस्त मुश्टण्डे चूहे।

नि. शार्दुल “हक़”
कक्षा – VII – B,
St. Thomas School,
Indirapuram, U.P. – 201014

15 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 05/04/2017
    • नि. शार्दुल "हक़" 05/04/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 05/04/2017
    • नि. शार्दुल "हक़" 05/04/2017
  3. C.M. Sharma babucm 05/04/2017
    • नि. शार्दुल "हक़" 05/04/2017
  4. डॉ. विवेक डॉ. विवेक 05/04/2017
    • नि. शार्दुल "हक़" 05/04/2017
  5. Kajalsoni 05/04/2017
    • नि. शार्दुल "हक़" 05/04/2017
  6. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 05/04/2017
    • नि. शार्दुल "हक़" 05/04/2017
  7. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 05/04/2017
    • नि. शार्दुल "हक़" 05/04/2017
  8. mani mani 08/04/2017

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