दिल में बसे हो तुम – सर्वजीत सिंह

दिल में बसे हो तुम

दिल में बसे हो तुम हम तुम्हें कभी भुला ही नहीं पाते
मेरे दिल में रह कर भी तुम हर पल हो मुझे तड़पाते

तुम्हारा हसीं चेहरा नज़रों से कभी ओझल होता ही नहीं
फिर भी बार बार सपनों में आकर तुम मुझे क्यों सताते

हमनें तो सरेआम मोहब्बत का इज़हार कर ही दिया है
तुम आँखों से तो इकरार करते हो पर लब से नहीं बताते

प्यार का है मौसम अपने अरमान दिल में ना दबा कर रखो
जो बात दिलों को जोड़ दे उस बात को दिल में नहीं छुपाते

मोहब्बत की है तो ये दुनिया को बता दो कहता है सर्वजीत
प्यार करने वाले ना दुनिया से डरते हैं ना किसी से घबराते

sarvajitg@gmail.com

18 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 27/09/2017
  2. sarvajit singh sarvajit singh 27/09/2017
  3. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 27/09/2017
    • sarvajit singh sarvajit singh 27/09/2017
  4. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 27/09/2017
    • sarvajit singh sarvajit singh 27/09/2017
  5. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 27/09/2017
    • sarvajit singh sarvajit singh 27/09/2017
    • sarvajit singh sarvajit singh 27/09/2017
  6. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 27/09/2017
  7. sarvajit singh sarvajit singh 27/09/2017
  8. डी. के. निवातिया dknivatiya 27/09/2017
    • sarvajit singh sarvajit singh 28/09/2017
  9. kiran kapur gulati kiran kapur gulati 27/09/2017
  10. sarvajit singh sarvajit singh 28/09/2017
  11. Madhu tiwari Madhu tiwari 01/10/2017
    • sarvajit singh sarvajit singh 06/10/2017

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