पतंग

तेरे आग़ोश में मै पतंग सा उड़ता रहा,
जब तक डोर तूने संभाले रखी.. मै बेख़ौफ़ उड़ता रहा,
जब रिश्ते की डोर छूटी तेरे हाथ से..
तब ना जमीन मिली, ना मै उपर आसमान में रहा,
बस तेरी ही तलाश में, खुद गुमशुदा बन खामोशी से उड़ता रहा…

By: Vinod Sihag

5 Comments

  1. babucm babucm 03/04/2017
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 04/04/2017
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 04/04/2017
  4. Madhu tiwari Madhu tiwari 05/04/2017
  5. Kajalsoni 05/04/2017

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