सिर्फ तीन दृश्य?…सी. एम्. शर्मा (बब्बू)..

सो जा लाडो मेरी…
इक राजकुमार आएगा…
बिठा घोड़े पे दूर देस ले जाएगा….
सो जा लाडो मेरी…
कितना मधुर सा लगता है…सुनना….

“साडा चिड़ियाँ दा चम्बा वे बाबुल असां उड़ जाना…
साडी लंमी उडारी ए के मुड़ असां नईयों आणां…
“बाबुल तेरा घर इस चिड़िया का रैन बसेरा है…
ये चिड़िया इसको छोड़ अब उड़ जा रही है…
और इतनी दूर जा रही है कि वापिस नहीं आएगी”

नाज़ों से पाली को अपने हाथ से विदा किया…
एक राजकुमार के संग….
दर्द है जुदाई में पर एक मिठास है रिश्ते नए की…
बेटी का घर बसने की….
कितनी प्यारी सी चाहत है….
बेटी की….माँ की…बाबुल की…

“बहुत रोई होगी तड़पी होगी मरने से पहले…
कैसे दरिंदे हैं जिन्होंने जला डाला बुरी तरह से”….
एक विवाहिता के मृत शरीर को देख कर सब बोल रहे थे…
चिड़िया को किसी ने बहुत दूर…..ऐसी जगह भेज दिया…
जहां से वापिस न आ सके…
बाबुल की चिड़िया….

कैसे दरिंदे थे जिन्होंने जला डाला….
दूसरों को गाली दे के हम धुल गए…
पर आये कहाँ से वो…
राजकुमार…दरिंदे….
कहाँ से?….
\
/सी. एम्. शर्मा (बब्बू)

18 Comments

  1. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 03/04/2017
    • babucm babucm 05/04/2017
  2. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 03/04/2017
    • babucm babucm 05/04/2017
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 03/04/2017
    • babucm babucm 05/04/2017
  4. Kajalsoni 03/04/2017
    • babucm babucm 05/04/2017
  5. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 03/04/2017
    • babucm babucm 05/04/2017
    • babucm babucm 05/04/2017
  6. sarvajit singh sarvajit singh 03/04/2017
    • babucm babucm 05/04/2017
  7. mani mani 04/04/2017
    • babucm babucm 05/04/2017
  8. Madhu tiwari Madhu tiwari 05/04/2017
  9. babucm babucm 05/04/2017

Leave a Reply