Emergency -(story)

“मैंने ,मैंने  उसे  नहीं  मारा !”

“अच्छा! तो तुम्हारे  कपड़ो  पर  लगे  खून  के  निशान  कहाँ  से  आये ? वह  भी  उसके  खून  से  मैच  हो  चुके  हैं !”…. …… “देखो ,तुम  कल  रात  से  गायब  थी ,आखिर  सच  क्या  हैं ?”

“वो। …. वो  कल  रात  को  मैं  वहाँ  से  गुज़र  रही  थी  और  मुझे  वह  खून  से  सना  हुआ  घायल  पड़ा  दिखा। मैं  उसे  उठा  कर  हॉस्पिटल  ले  जाने कि  कोशिश  करने  लगी  और……

“sorry  sir ,but  its  urgent ! you  need  to  come  outside !”

“ok  Shinde ,leave .”

“yes  Shinde ,क्या  हुआ ,मुझे  बाहर  क्यूँ  बुलाया ?”

“sir ,East  side  अभी -अभी  एक  और  blast  हुआ  हैं। ”

“Oh  God ! शहर  में  आज  यह  सब  हो  क्या  रहा  हैं !”

“sir  अभी  तक……

“I  know , high  alert मे  एक  और  warning  announce  कर  दो  और  अपनी team  के  साथ  सारे  शहर  में   investigation जारी  रखो। हमें  जल्द  से  जल्द  कुछ  करना  होगा। “,इतना  कहकर  मोहित  फिर  से  investigation  room  में  चला  गया।

 

“हाँ ,तो  तुम्हें  वह  घायल  पड़ा  दिखा ,फिर ?”

“मैं ,मैं  उसे  hospital  ले  जाने  के  लिये  उठाने  लगी  और  वहाँ  एक  ऑटोरिक्शा  वाले  को  देखा ,तो  उसे  रुकने …. रोकने  के  लिये ……..

“Please ! अब  चुप  करो ,बस  करो ! पहले  तुमने  कहा  तुम  उसे  नहीं  जानती ! फिर  तुमने कहा उसने तुम पर  हमला  किया और अब ….. अब तुम कह रही हो कि  तुम्हें  वह घायल पड़ा मिला !”…….. “पिछले  3 घण्टे  से तुम अलग -अलग  कहानियां  सुनायें  जा रही हों !”

“वो  मैं  घबरा  गयीं  हुँ ,आप तो  जानते  ही  हो  जब  मैं घबरा  जाती  हुँ  तो  कुछ  भी  कहने  लगती  हुँ। ”

“आप  नहीं  sir! यह  हमारा  घर  नहीं  हैं  करुणा !”

“माफ़  कीजिये , sir !”

“Its  okay , I  don’t  know , कुछ समझ  नहीं  आ रहा  हैं , आखिर  यह सब  हो  क्या रहा हैं ! तुम्हें  अंदाज़ा  भी  नहीं  हैं  आज  सुबह  से  शहर  में  चल  क्या  रहा हैं ! और  इन सब  के बीच  तुम !!!  तुम  सच  बता  क्यूँ  नहीं  देती ! उस  आदमी  के पास  4  Passports और  7  International  sim  cards  निकले  हैं ! वह  कोई  आम  आदमी  नहीं  हो  सकता।  क्या  हुआ  था  कल  रात  को  Please  बता  दो  करुणा !”

“मैं  सच  कहती  हुँ  मैंने कुछ  नहीं  किया। ”

“मैं  जानता  हुँ , पर कल  रात  को हुआ क्या था  यह  तो  सच  बताओ ! तभी  मैं  कुछ  कर  सकुँगा।  अपनी Research  के  बारे में  ही  सोच  कर  बता  दो।  3  साल  से  तुम  उसमें  लगी  हो।  कितनी   करीब  हो ना  तुम  उसे  पूरा  करने  मे।  बस  सच  बता  दो  करुणा  बाकी  सब  मुझ  पर  छोड़  दो। ”

करुणा  यह  सुन  कर  दो  मिनट  तक  कुछ  सोचने  लगी , फिर  कुछ  कहने  की  हिम्मत  जुटा  कर  बोल  पाई ;” मोहित , मुझे  माफ़  करना …..

“sir ! sir !”

“हाँ  शिन्दे। ” , मोहित ने  बीच  में  आई  शिंदे की  पुकार  का  जवाब  देते हुये  कहा।

“सर  पांचवा  ब्लास्ट !”

“Oh  my  God ! करुणा  मैं  तुमसे  बाद  में  बात  करता  हुँ , I  need  to  go  now ! शिंदे  madam  के  लिये  तब  तक  एक  मौसंबी  जूस  without  any  sugar ; मैं  आता  हुँ ”

“अरे  मोहित  जो  मैं  कहना…. बताना  चाहती  हुँ ……

“करुणा  कुछ  दैर  आराम  करो।  मैं  आता  हुँ। ” इतना  कहते  हुए  मोहित  शिंदे  के  साथ  कमरे  से  बाहर  निकल  गया।  करुणा  वहीँ  कुर्सी  पर  सून्न  सी  बैठी  एकटक  देखती  रह  गयी।

“Shinde we  need  special  squad ! एक  के  बाद  एक  ऐसे  blasts  हो  रहें  हैं  जैसे  कोई  खेल  चल रहा  हो !”

“Yes  sir , special  squad  और bomb  squad  को  बुलाया  जा  रहा  हैं। …….  सर करुणा  मैडम  कैसी हैं ?”

“क्या  पता  शिंदे  क्या  हो  गया  हैं  उसे ! ; खैर  उस  आदमी  के  बारे  में  कुछ  information  मिली ?”

“नहीं  सर ! वह  कौन  हैं , कहाँ  से  और  कब  आया  कुछ  भी  कहना  नामुमकिन  हैं !”

“This  is  unbelievable  Shinde ! एक  अनजान  आदमी , 4  passports  और  7  अलग -अलग  international  sim  cards  के  साथ  मरा  पड़ा  मिलता  हैं  और  हमें  उसके  बारे  में  क्या  पता  हैं ! कुछ  नहीं ! ‘Not  even  his  name !” ……  “हमारे  पास  हैं  क्या ! बस  यह  जला  हुआ  झण्डा  जो  उसके  पास  से  बरामद  हुआ !” …… ” और  ऊपर  से  पिछले  एक  घण्टे  में  5  bomb  blasts !!!”

” सब  कुछ  ऐसे  हो  रहा  हैं  जैसे ….   जैसे  कोई  ……

 

“Hello ! yes ! हाँ  राठौर , हाँ  …….  गुड। ..  ठीक  हैं , और  investigation  जारी रखो !”

“क्या  हुआ  शिंदे ? क्या  पता  चला  राठौर  को ?”

“सर  आपका  अंदाज़ा  सही  था।  उस  जले  हुये  झण्डे  पर  जो  अजीब  से  निशान  और  बू  थी  वह  कबूतरों  की  ही  थी।  राठौर  को  पता  चला  हैं  कि  वह  आदमी  पिछले  एक  महीने  से  M.G . रोड  वाले  कबूतर खाने  में  रह  रहा  था।  पर  ….  सर …

“पर  …  पर  क्या  शिंदे ?”

“बोलो  आगे  …..

“सर  वहाँ  उसे  अक्सर  एक  औरत  के  साथ  के  साथ  कुछ  लोगों  ने  देखा  हैं , वो  औरत  सर , सर  वो  health-height  में  करुणा  मैडम  जितनी  ही  ….

“रुको ! रुको ! शिंदे  क्या  वहाँ  अभी  कोई  कबूतर  हैं ?”

“कहाँ  सर ?”

“कबूतर  खाने  में  जहाँ  उस  आदमी  के  होने  की  info  मिली ”

“सर  मैं  अभी  पुछ  कर  बताता  हुँ। ”

“नहीं  सर ,अजीब  बात  हैं ! कबूतर  खाने  में  इस  वक़्त  कोई  कबूतर  नहीं  हैं , वह  पूरी  तरह  खली  पड़ा  हैं !”

“Shit !!! Shinde  we  are  in  huge  problem!  कबूतर  खाने में  लगभग  कितने  कबूतर  होंगें ?”

“सर कम से कम  100  तो  होंगें। ”

“सर ! सर ! करुणा  मैडम  ने काँच  से अपनी  नस  काट ली !”

“Oh shit , उसे  immediately hospital  ले  कर  जाओ !”

तभी  टेबल  पर रखा  फ़ोन  अपनी  आवाज़  के  सन्नाटे  से  सबको  खामोश  कर  देता  हैं।

“Hello !”,मोहित  फ़ोन  जल्दबाज़ी  में  उठता हैं।

“Yes  सर! ……. ” Sir  its  an  Emergency ”   पूरे  शहर  में  कर्फ्यू  लगाना होगा  and  पूरे  शहर  में  और  आस पास  से जितने  कबूतर  पकड़ने  वाले लॊग  हैं  उन्हें जल्द से जल्द  बुलाना  होगा , हमे  उनकी  ज़रूरत  होगी , शहर  में  95  blasts  और  हो  सकते  हैं !!!” ….

“मोहित सिर्फ  एक  सवाल !”

“yes  सर !”

“करुणा  किस  पर  research  कर  रही  थी ?”

“Sir ,Biological  Weapons  through  modern Engineering!” …….  …….

 

 

– प्रांजल  जोशी

 

6 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 03/04/2017
    • Pranjal Joshi 03/04/2017
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 03/04/2017
    • Pranjal Joshi 03/04/2017
  3. Kajalsoni 03/04/2017
  4. Pranjal Joshi 03/04/2017

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