किस्मत में है इनके मिट जाना–Raquim Ali

ये हवाएं, ये फ़िज़ाएं
ये बहारें, ये नज़ारे
चंद दिनों के हैं;
ये अदाएं, ये सदाएं
ये तरानें, ये फ़साने
चंद दिनों के हैं।

ये जवानियां, ये रवानियां
ये सजावटें, ये बनावटें
चंद दिनों के हैं;
ये बड़ाइयां, ये अंगड़ाइयां
ये नाज़कतें, ये नफ़ासतें
चंद दिनों के हैं।

बन जा बुलंद बंदे
ख़ुदा का आज़िज़ बंदा बन कर;
बिछड़ जाने वाली
चीजों पर क्या इतराना
किस्मत में है इनके
मिट जाना।

जिंदगी
का हर पल
बड़ा कीमती है;
याद रख
कबर
ही है तेरा ठिकाना।

5 Comments

  1. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 01/04/2017
  2. C.M. Sharma babucm 01/04/2017
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 01/04/2017
  4. Kajalsoni 02/04/2017
  5. mani mani 04/04/2017

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