ग़ज़ल-मुझे तुम छोड़कर तन्हा कहाँ जाने लगे दिलबर-मनिंदर सिंह “मनी”

मुझे तुम छोड़कर तन्हा कहाँ जाने लगे दिलबर |
कभी हम थे तेरे ही अब किसे पाने लगे दिलबर ||

किये वादे कभी मुझसे न छोड़ोगे अकेले तुम |
भुला वादा किसे बातों में उलझाने लगे दिलबर ||

मिलेंगे चेहरे तुम को हँसी दुनिया में कितने ही |
ख़ुशी को छीनकर तुम मुझे रुलाने लगे दिलबर ||

चले हो तुम चुराकर हसरतो को मेरी चुपके से |
खता मेरी बता दो दूर क्यों जाने लगे दिलबर ||

न खेलोगे कभी बालों से सवारियां बताओ तुम |
वफ़ा की बात कर औरो को सहलाने लगे दिलबर ||

लबो पर था कभी इक नाम मेरा ही सनम तेरे |
कहो कुछ तो “मनी” क्यों दिल मेरा जलाने लगे दिलबर ||

मनिंदर सिंह “मनी”

16 Comments

  1. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 31/03/2017
    • mani mani 01/04/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 31/03/2017
    • mani mani 01/04/2017
  3. sarvajit singh sarvajit singh 31/03/2017
    • mani mani 01/04/2017
  4. Madhu tiwari Madhu tiwari 01/04/2017
    • mani mani 01/04/2017
  5. C.M. Sharma babucm 01/04/2017
    • mani mani 01/04/2017
  6. Kajalsoni 01/04/2017
    • mani mani 01/04/2017
  7. mani mani 01/04/2017
  8. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 01/04/2017
  9. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 01/04/2017

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