मेरी कलम 3 …… काजल सोनी

तरसता है ये दिल तुम्हें पाने के लिए ।
तरसता है ये दिल पास तेरे आने के लिए।
तुम चाहे रुठे रहो उम्रभर मुझसे,
तरसती हूँ मैं बहुत मुहब्बत तुमसे निभाने के लिए।

था मुझे तेरे जाने का गम, तेरे आने से पहले ।
था मुझे तेरा इंतज़ार , तेरे आने से पहले ।
काश कि तुझे मैं रोक पाती ,
तुझे किसी और का हो जाने से पहले ।

वो कहते हैं, इश्क में लोग उन्हें बदनाम कर गये।
वो कहते हैं सारे गुनाह हम सरे आम कर गये ।
पर हम तो यही सोचते रहे, कि पाकर मुहब्बत में
इल्जाम सारे ,
प्यार कि दुनिया में इक हंसी नाम कर गये । ।

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” काजल सोनी ”

17 Comments

  1. babucm babucm 01/04/2017
    • Kajalsoni 02/04/2017
    • Kajalsoni 02/04/2017
  2. mani mani 01/04/2017
    • Kajalsoni 02/04/2017
  3. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 01/04/2017
    • Kajalsoni 02/04/2017
  4. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 01/04/2017
    • Kajalsoni 02/04/2017
    • Kajalsoni 02/04/2017
  5. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 01/04/2017
    • Kajalsoni 02/04/2017
  6. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 01/04/2017
    • Kajalsoni 02/04/2017
  7. sarvajit singh sarvajit singh 01/04/2017
    • Kajalsoni 02/04/2017

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