मिलके भी हम रहे जुदा..सी. एम्. शर्मा (बब्बू)..

मिलके भी हम रहे जुदा जज़्बात क्या करे…
तन्हाईओं में भी फिर मुलाक़ात क्या करे…..

है रात सी सहर तेरी ज़ुल्फ़ों के साये में…
दुनिया के रंजो गम को बयानात क्या करे….

थी दूर तक निगाहों में राहें बिछी पड़ी….
तुम हो नहीं तो मंज़िले ख्यालात क्या करे…

नहीं जाम छलका अब के, ना ही आँख नम हुई…
किस्मत की लकीरों से सवालात क्या करे….

“चन्दर” दिले जुबां पे क्यूँ आये और नाम…
जीए मरे उसी पे तो कायनात क्या करे….
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/सी. एम्. शर्मा (बब्बू)

18 Comments

  1. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 30/03/2017
    • babucm babucm 31/03/2017
  2. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 30/03/2017
    • babucm babucm 31/03/2017
  3. Madhu tiwari Madhu tiwari 30/03/2017
    • babucm babucm 31/03/2017
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 30/03/2017
    • babucm babucm 31/03/2017
  5. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 30/03/2017
    • babucm babucm 31/03/2017
      • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 31/03/2017
        • babucm babucm 31/03/2017
  6. vijaykr811 vijaykr811 30/03/2017
    • babucm babucm 31/03/2017
  7. Kajalsoni 30/03/2017
    • babucm babucm 31/03/2017
  8. mani mani 31/03/2017
    • babucm babucm 01/04/2017

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