राधे राधे…… काजल सोनी

राधा ने एक दिन श्याम से पूछा,
क्यूँ बुलाते हैं तुम्हें मेरे नाम से पूछा।
श्याम मुस्कुराये,
पलके झुकाये ।
तुम ही मेरा दिन हो,
तुम ही मेरी रात हो राधा।
तुम बिन मेरा जीवन जैसे,
बिल्कुल हो आधा ।
तुम ही मेरा दिल ,
तुम ही मेरी धडकन।
बताओ?
इसके बिना जिस्म के उस अंजाम को पुछा।
राधा ने एक दिन श्याम से पूछा,
क्यूँ बुलाते हैं तुम्हें मेरे नाम से पूछा।

ये जीवन ये सांसे तो मिट जायेगी,
मगर तेरे मेरे प्रेम की कहानी,
सब को याद आयेगी ।
नाम हमारा रोते हुए को हंसायेगी ,
नासमझो को भी ज्ञानी बना जायगी।
फिर प्रेम बिन जीवन, किसी के किस काम की पुछा।
राधा ने एक दिन श्याम से पूछा,
क्यूँ बुलाते हैं तुम्हें मेरे नाम से पूछा ।।

” काजल सोनी ”

14 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 30/03/2017
    • Kajalsoni 01/04/2017
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 30/03/2017
    • Kajalsoni 01/04/2017
  3. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 30/03/2017
    • Kajalsoni 01/04/2017
  4. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 30/03/2017
    • Kajalsoni 01/04/2017
  5. sarvajit singh sarvajit singh 30/03/2017
    • Kajalsoni 01/04/2017
  6. C.M. Sharma babucm 31/03/2017
    • Kajalsoni 01/04/2017
  7. mani mani 31/03/2017
    • Kajalsoni 01/04/2017

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