मेले की एक सर्कस by abhimanyu kumar siyal

विषय ~ मेले की एक शरकस

देखने गया मैं मेला अपनी भतीजियों के साथ, ले गई मेरी भतीजी एक सर्कस की और पकड़ कर मेरा हाथ।
वहां बच्चे चल रहे थे रस्सी पर और बस एक डंडा था उनके हाथ में, बाल मजदूरी ना करवाओ के नारे लगाने वाले देख रहे थे वोे मंजर हो खड़े मेरे पास में।
देखो जब ऐसा मैने तो आंसू आ गए मेरी आंख में,
और इसीलिए उठाई कलम मैंने फिर अपने हाथ में।

मिल जाए भरपेट रोटी रात को आहार में,
चल रस्सी पर इसलिए वह करतब दिखाते संसार में।

जिस उम्र में जान छिड़कते हैं मां बाप बच्चों पर उस उम्र में जान की बाजी लगाते वह बाजार में।

वो चल रहे थे रस्सी पर जिससे लोगों का मनोरंजन हो जाए,
पर मैंने देखा पिता को रस्सी के नीचे चलते हुए कि कहीं मेरा बच्चा ना नीचे गिर जाए।

जान की कीमत देखी मैंने क्या लगती थी उनकी उस भरे हुए दरबार में,
कोई फटा तो कोई पुराना सा दस~बीस का नोट बस दे देता था उनको उपहार में।

मिल जाए भरपेट रोटी रात को आहार में, चल रस्सी पर इसलिए वह करतब दिखाते संसार में।

जिस उम्र में जान छिड़कते हैं मां बाप बच्चों पर,उस उम्र में जान की बाजी लगाते वह बाजार में।

सब देख रहे थे की उसने चलते हुए रस्सी पर रखी थी एक बोतल सिर पर,
पर मैंने देखा था परिवार उसका और वो तरपाल का घर।
जिसमें एक मां थी जो मुरझाई सी बैठी थी पास में,
लगता था मुझे पढ़ाना चाहती होगी वह भी अपने लाडलों को पर बिना पैन और बस्ते के कैसे बैठाती उनको क्लास में।

मिल जाए भरपेट रोटी रात को आहार में,
चल रस्सी पर इसलिए वह करतब दिखाते संसार में।

जिस उम्र में जान छिड़कते हैं मां बाप बच्चों पर,
उस उम्र में जान की बाजी लगाते वह बाजार में।

जो देश में सुधार लाना चाहते हैं,
देकर बड़े-बड़े भाषण जो देश को नंबर 1 बनाना चाहते हैं।
मिल जाए इन को भरपेट खाना इतना इंतजाम करवा दे ना दे हाथ में किताब इनको भी विद्यालय का मार्ग दिखा देना

मिल जाए भरपेट रोटी रात को आहार में, चल रस्सी पर फिर वह न करतब दिखाएं फिर संसार में,
जिस उम्र में जान छिड़कते हैं मां बाप बच्चों पर
उस उम्र में जान की बाजी न लगाए वो वह बाजार में।
Wrt by ~ अभिमन्यु

12 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 28/03/2017
    • abhimanyu kumar siyal 28/03/2017
    • abhimanyu kumar siyal 28/03/2017
  2. Madhu tiwari Madhu tiwari 28/03/2017
    • abhimanyu kumar siyal 28/03/2017
    • abhimanyu kumar siyal 28/03/2017
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 28/03/2017
    • abhimanyu kumar siyal 28/03/2017
  4. abhimanyu kumar siyal 28/03/2017
  5. Kajalsoni 28/03/2017
    • abhimanyu kumar siyal 28/03/2017
    • abhimanyu kumar siyal 28/03/2017

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