इक बार तो मेरी बात पर भी विश्वास करो

इक बार तो मेरी बात पर भी विश्वास करो

हर इक दिल में खुदा है इसका अहसास करो।

 

इनसे ही घोंसला मेरा घर भी आबाद है

ये चिड़ियाँ चहकती हैं इन्हें न उदास करो।

 

नन्हीं सी ख्वाईश है इक तुम्हें पाने की

पर तुम्हीं कह रहे ये आस बेलिबास करो।

 

कहते हैं तुम कैद हो हर इक बुतखाने में

मैं तो तुममें हूँ,  खत्म ये कारावास करो।

 

तुम्हें भूलकर अब मैं और किसका नाम जपूँ

तुम भी नाम बदलकर लब न बेमिठास करो।

 

कच्ची गागर समझ इस दिल को न खाली रखो

जनम जनम की प्यास को न अनबुझी प्यास करो।

 

अपने किये दुष्कर्मों का कुछ तो इलाज करो

जो देख रहा है खुदा उसे ना उदास करो।

….   भूपेन्द्र कुमार दवे

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6 Comments

  1. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 27/03/2017
  2. shivdutt 27/03/2017
  3. babucm babucm 27/03/2017
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 27/03/2017
  5. Kajalsoni 28/03/2017
  6. Madhu tiwari Madhu tiwari 28/03/2017

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