तू कातिल

ना पूछो किस तरह से रोशन है दिल की ये दुनिया
कैसे नाज़ो गम उठाये है इस दिल ने अभी
सुकून अभी तो आना शुरू हुआ भी ना था दिल को
तू एक और गहरी शाम ले कर आ पहूंचा………….!

अब शाम भी तेरी ही है अरे जालिम …..!!!!
खनझर भी तेरा ही ख़रीदा निकला
रूबरू में हो तो गयी तुझ से सनम
ये अश्को का समंदर भी तेरा ही निकला

6 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 25/03/2017
  2. Kajalsoni 25/03/2017
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 26/03/2017
  4. C.M. Sharma babucm 26/03/2017
  5. tamanna tamanna 27/03/2017
  6. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 27/03/2017

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