फूल झरते रहें – शिशिर मधुकर

तुम हँसते रहो फूल झरते रहें
मुहब्बत हम तुम से करते रहें

व्यापार जीवन समझते हैं जो
ना होगा वहाँ रिश्तों का चमन
उल्फ़त जिसे ना हुई हो कभी
जाने वो क्या दिलों के मिलन
ईर्ष्या वो कितनी भी करते रहें
हम सांसों में तुमको भरते रहें

तुम हँसते रहो फूल झरते रहें
मुहब्बत हम तुम से करते रहें

प्रेम पाने की इच्छा रखते हैं जो
निज अहं का पूर्ण समर्पण करें
तौबा करें फिर कुटिल चालों से
निज मन को उजला दर्पण करें
प्रीत का घी दीपक में भरते रहें
स्याह कोने जिससे निखरते रहें

तुम हँसते रहो फूल झरते रहें
मुहब्बत हम तुम से करते रहें

शिशिर मधुकर

22 Comments

    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 23/03/2017
  1. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 23/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 23/03/2017
  2. Madhu tiwari Madhu tiwari 23/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 23/03/2017
  3. mani mani 23/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 23/03/2017
  4. C.M. Sharma babucm 23/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 23/03/2017
  5. श्याम दत्त मिश्रा Shyam datt Mishra 23/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 23/03/2017
  6. Kajalsoni 23/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 23/03/2017
  7. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 23/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 23/03/2017
  8. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 23/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 23/03/2017
  9. ALKA ALKA 23/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 23/03/2017
  10. डॉ. विवेक डॉ. विवेक 23/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 23/03/2017

Leave a Reply