ये गुनाह करते हैं…

कभी खामोश तो कभी बयां करते हैं,
बे-वजह दिल को युं परेशां करते हैं,
जन्नत-ए-इश्क के मुकाम ने हमें तबाह कर दिया
फिर भी न जाने क्युं ये गुनाह करते हैं…

…..इंदर भोले नाथ

5 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 23/03/2017
  2. mani mani 23/03/2017
  3. Madhu tiwari Madhu tiwari 23/03/2017
  4. Kajalsoni 23/03/2017
  5. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 23/03/2017

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