हर तरफ कतार – अनु महेश्वरी

हवाई अड्डे पे भी
हर तरफ कतार
जो दिखाता भारत की
एक तश्वीर हमें
जिधर भी नज़र दौड़ाओ
लोग ही लोग पंक्तियों में
हर वेश भूषा में
हर भाषा हर धर्म के
हर प्रान्त हर वर्ग के
मानो छोटा सा भारत
समा गया हो यहाँ
जो पहली बार
कर रहे हवाई सफ़र
थोड़े उत्सुक आते नज़र
कोई है जल्दी में
कोई है सुस्ती में
कोई देर से आते
फिर हड़बड़ी मचाते
कोई समय से आते
और शांत खड़े रहते
पर कतार मानो
ज़िन्दगी का हिस्सा
बन गयी है
यहाँ भी कहाँ
पीछा छोड़ती अपना
अब तो इसकी आदत सी
होने लगी है
ज़रूरत न हो तब भी
हम लाइन लगा ही
लेते है।

 

 

अनु महेश्वरी
चेन्नई

16 Comments

    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 23/03/2017
  1. C.M. Sharma babucm 23/03/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 23/03/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 23/03/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 23/03/2017
  3. mani mani 23/03/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 23/03/2017
  4. Madhu tiwari Madhu tiwari 23/03/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 23/03/2017
  5. Kajalsoni 23/03/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 23/03/2017
  6. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 23/03/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 23/03/2017
  7. ALKA ALKA 23/03/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 23/03/2017

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