ग़ज़ल- वो हमें देखकर मुस्कुराने लगे |

वो हमें देखकर मुस्कुराने लगे |
हाल नज़रो से दिल का बताने लगे ||

है उठाते गिराते लटों को कभी |
वो अदाओं की बिजली गिराने लगे ||

हाल बेहाल दिखने लगा इश्क में |
गीत वो प्रेम के गुनगुनाने लगे ||

देखते है मुझे दूर से मुस्कुराके कभी |
चाहतों का घरौंदा सजाने लगे ||

पर डरे है “मनी” जग की रस्मो से वो |
इश्क की बात सब से छिपाने लगे ||

मनिंदर सिंह “मनी”
२१२ २१२ २१२ २१२

20 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 22/03/2017
    • mani mani 23/03/2017
    • mani mani 23/03/2017
  2. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 22/03/2017
    • mani mani 23/03/2017
  3. ALKA ALKA 22/03/2017
    • mani mani 23/03/2017
  4. C.M. Sharma babucm 23/03/2017
    • mani mani 23/03/2017
      • C.M. Sharma babucm 23/03/2017
        • mani mani 24/03/2017
  5. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 23/03/2017
    • mani mani 24/03/2017
  6. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 23/03/2017
    • mani mani 24/03/2017
  7. राकेश पांडेय 23/03/2017
    • mani mani 23/03/2017
  8. Kajalsoni 23/03/2017
    • mani mani 23/03/2017

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