कुछ कहना है

बहुत ही आशा के साथ आई हु ,

आपसे यह कहने के लिए,

दिल में जो अरमा जागे है उने बताने के लिए,

कितनी भी दूर क्यों ना हों मंजिल लेकिन उसे पाने के लिये ,

जो आँखों में सपने है  उनसे मिलने के लिए,

दिल ने जो उड़ान भरी है उसपे पंख लगाने के लिए,

और अपने मुर्झाये हुए खाव्बो को पानी देने के लिए,

इस सुन्दर मन के फूल को और भी महकाने के लिए,

आई हु आपसे से यह कहने के लिए!

3 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 22/03/2017
  2. babucm babucm 22/03/2017
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 22/03/2017

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