५५. गुजरे वक्त की याद…………………रुलाती है |गीत| “मनोज कुमार”

गुजरे वक्त की याद याद आती है |
चुपसा रहता है दिल वो रुलाती है ||

जबसे छीनी है प्यार की दौलत |
बनके हम तो फ़क़ीर बैठे है ||
झूठा ही सही ख़्वाब में आ जाना |
दूर रहकर ये रूह रोती है ||

गुजरे वक्त की याद याद आती है |
चुपसा रहता है दिल वो रुलाती है ||

अब तो मंजिल है ना ठिकाना है |
दिल की चाहत तुम्हीं को पाना है ||
तुमको भूला कभी ना गलती है |
तुमसे ही साँस मेरी चलती है ||

गुजरे वक्त की याद याद आती है |
चुपसा रहता है दिल वो रुलाती है ||

मैं तो दीपक तू मेरी बाती है |
हर घड़ी साथ दे वो साथी है ||
वफ़ा भी तुमसे जानी जाती है |
मेरी पहचान तुमसे आती है ||

गुजरे वक्त की याद याद आती है |
चुपसा रहता है दिल वो रुलाती है ||

“मनोज कुमार”

4 Comments

  1. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 21/03/2017
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 20/05/2017
  2. babucm babucm 21/03/2017
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 20/05/2017

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