५४. कब तक छुपाओगे ये प्यार ………….भी नही |गीत| “मनोज कुमार”

कब तक छुपाओगे ये प्यार प्यार बिना कुछ भी नही |
कुछ तो करो तुम शरारत शरारत बिना कुछ भी नही ||

तेरे लाल लाल रचे हुए हाथ हाथ में दे दो ना |
आके लगा लो गले महोब्बत बिना कुछ भी नही ||

झुमके भी करते है प्यार गाल से चिपके हुए |
आजा इश्क़ ना हो बदनाम इश्क़ बिना कुछ भी नहीं ||

जिस्मों की खुशबू मिलाने मिलाने आ जाओ |
अदाओं का जलवा दिखादो क जलवे बिना कुछ भी नही ||

हमें लगती है सबसे तू प्यारी क गुड़िया रानी सी |
बड़ी चंचल है शर्मीली नटखट नजाकत बिना कुछ भी नही ||

अरे प्रेम की बरसा तुम कर दो पिपासा बुझती नही |
हम तो तेरे है तेरे अनुरागी अनुराग बिना कुछ भी नही ||

मेरे दिल को जो है अजीज चाँद का टुकड़ा वही |
हँसी मेरी तुम लौटा दो हँसी बिना कुछ भी नही ||

“मनोज कुमार”

6 Comments

  1. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 21/03/2017
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 20/05/2017
  2. C.M. Sharma babucm 21/03/2017
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 20/05/2017
  3. Kajalsoni 22/03/2017
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 20/05/2017

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